नियम-आधारित ट्रेडिंग सिस्टम कैसे काम करते हैं
नियम-आधारित सिस्टम क्या है
यह एक लिखा हुआ प्लान है जिसमें कोई खाली जगह नहीं होती। इसे पढ़ने वाला हर स्थिति में बता सके कि क्या करना है। अगर कोई कदम भावना पर टिका है, तो वह अभी नियम नहीं है।
चार हिस्से
एंट्री नियम बताते हैं कब ट्रेड लेना है। एग्ज़िट नियम बताते हैं कब निकलना है, नुकसान में भी और फ़ायदे में भी। रिस्क नियम बताते हैं एक ट्रेड और एक दिन में कितना दाँव पर लगाना है। फ़िल्टर बताते हैं कब ट्रेड नहीं करना है।
लोग नियम क्यों पसंद करते हैं
नियम अंदाज़े कम करते हैं और एक जैसा रहने में मदद करते हैं। इनसे समीक्षा भी आसान होती है: पीछे देखकर पता चल जाता है कि प्लान फ़ॉलो हुआ या टूटा।
कहाँ गड़बड़ होती है
बहुत कम डेटा पर बने या पुराने डेटा में फ़िट किए गए नियम अक्सर असली बाज़ार में फेल हो जाते हैं। ब्रोकरेज और स्लिपेज जैसे खर्च भी अच्छे दिखने वाले प्लान को कमज़ोर बना सकते हैं।
मुख्य बातें
- नियम इतना साफ़ हो कि कोई भी फ़ॉलो कर सके।
- एंट्री, एग्ज़िट, रिस्क और फ़िल्टर, ये चार हिस्से हैं।
- नियम निरंतरता देते हैं, बाज़ार की भविष्यवाणी नहीं।
- खर्च जोड़कर सावधानी से टेस्ट करें।
ट्रेडिंग में जोखिम होता है। यह लेख केवल शिक्षा और जानकारी के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है, और कोई भी कोर्स या तरीका रिटर्न का वादा नहीं करता या नुकसान का जोखिम खत्म नहीं करता।