शुरुआती लोगों के लिए रिस्क मैनेजमेंट: पूँजी की सुरक्षा पहले क्यों
यह क्यों ज़रूरी है
हर ट्रेड में नुकसान हो सकता है। जो व्यक्ति कुछ ही ट्रेड में अपनी पूँजी का बड़ा हिस्सा खो देता है, उसे सीखने का मौका ही नहीं मिलता। रिस्क मैनेजमेंट का मकसद है सीखते समय खेल में बने रहना।
कदम उठाने से पहले जोखिम तय करें
किसी भी ट्रेड से पहले तय करें कि उस पर आप ज़्यादा से ज़्यादा कितना खोने को तैयार हैं, जो आपकी कुल पूँजी का एक छोटा हिस्सा हो। कई सीखने वाले बहुत छोटा तय प्रतिशत रखते हैं। सही संख्या आपकी स्थिति पर निर्भर करती है, और कोई भी संख्या जोखिम खत्म नहीं करती।
पोज़िशन साइज़ और स्टॉप स्तर
पोज़िशन साइज़ मतलब आप कितनी मात्रा खरीदते या बेचते हैं। स्टॉप स्तर वह भाव है जहाँ आप मान लेते हैं कि अनुमान गलत था और बाहर निकल जाते हैं। दोनों मिलकर तय करते हैं कि एक ट्रेड आपको कितना पड़ सकता है। प्रवेश से पहले दोनों की योजना बनाएँ।
रोज़ और साप्ताहिक सीमा
एक दिन या सप्ताह में आप कितना खो सकते हैं इसकी सीमा तय करें, और वहाँ पहुँचने पर रुक जाएँ। नुकसान की भरपाई के लिए तुरंत ट्रेड करना बड़े नुकसान का आम कारण है।
उधार लेकर ट्रेड न करें
किराए, फीस या परिवार के लिए ज़रूरी पैसे का इस्तेमाल न करें। ट्रेडिंग के लिए उधार न लें।
मुख्य बातें
- प्रवेश से पहले जोखिम तय करें।
- हर नुकसान को अपनी पूँजी की तुलना में छोटा रखें।
- सीमाएँ बनाएँ और उनका पालन करें।
- केवल वही पैसा लगाएँ जिसे खोने का जोखिम आप उठा सकते हैं।
ट्रेडिंग में जोखिम होता है। यह लेख केवल शिक्षा और जानकारी के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है, और कोई भी कोर्स या तरीका मुनाफ़े की गारंटी नहीं देता और नुकसान का जोखिम खत्म नहीं करता।