ट्रेडिंग जर्नल कैसे रखें
क्यों रखें
जर्नल आपके ट्रेड और उनके कारणों का लिखित रिकॉर्ड है। याददाश्त भरोसेमंद नहीं होती, खासकर नुकसान के बाद। नोट्स से दिखता है कि आपने असल में क्या किया।
क्या लिखें
हर ट्रेड के लिए: तारीख, इंस्ट्रूमेंट, एंट्री का कारण, तय स्टॉप और एग्ज़िट, नतीजा, और यह कि आपने प्लान फ़ॉलो किया या नहीं। साथ में एक लाइन में लिखें कि आपको कैसा लगा।
समीक्षा कैसे करें
हफ़्ते में एक बार सारी एंट्री साथ पढ़ें। बार-बार होने वाली गलतियाँ देखें, जैसे जल्दी एंट्री या स्टॉप खिसकाना। मकसद आदतें पहचानना है, खुद को दोष देना नहीं।
सरल रखें
एक साधारण कॉपी या स्प्रेडशीट काफ़ी है। हर बार लिखी गई छोटी एंट्री उस लंबी एंट्री से बेहतर है जो आप छोड़ देते हैं।
मुख्य बातें
- जर्नल ट्रेड और उनके कारणों का रिकॉर्ड है।
- लिखें कि प्लान फ़ॉलो हुआ या नहीं।
- हफ़्ते में समीक्षा करके आदतें पहचानें।
- इतना सरल रखें कि हर बार हो सके।
ट्रेडिंग में जोखिम होता है। यह लेख केवल शिक्षा और जानकारी के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है, और कोई भी कोर्स या तरीका रिटर्न का वादा नहीं करता या नुकसान का जोखिम खत्म नहीं करता।